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हर्ष गुजराल

  1. Prashant Umrao✓@ippatel
    योगी जी के सामने कॉमेडियन हर्ष गुजराल! मैंने लखनऊ में एक फल बेचने वाले से अपराध के बारे में पूछा, तो उसने कहा कि यहां अपराध शून्य है । जब मैंने पूछा कि उसे कैसे पता, तो उसने जवाब दिया सर मैं खुद एक अपराधी था अब केले बेचता हूं 😀
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  2. GLOBAL NEWS ANALYSIS✓@G_News_Analysis
    #JusticeForBapuji #SupremeCourt #Asaram Bapu #AsharamBapu #Jodhpur Jail Authority #HumanRights सीने में दर्द, ICU में भर्ती, एयर एम्बुलेंस में देरी और अब FIR की बात! 85-90 वर्ष के #आसाराम बापू के मामले में मानवता कहाँ है? जेल अधीक्षक प्रमोद सिंह जी से भी सवाल! एक तरफ लगभग 85-90 वर्ष की उम्र के आसाराम बापू को सीने में दर्द की शिकायत होती है और उन्हें उज्जैन में ICU में भर्ती कराया जाता है। दूसरी तरफ, उनकी स्वास्थ्य स्थिति को देखते हुए पैरोल बढ़ाने की गुहार सुप्रीम कोर्ट में लगाई जाती है, लेकिन राहत नहीं मिलती और उन्हें सरेंडर करने का निर्देश दिया जाता है। इसके बाद साधक उनकी सुरक्षित यात्रा के लिए एयर एम्बुलेंस की व्यवस्था करते हैं, ताकि लंबी सड़क यात्रा से बचते हुए उन्हें जोधपुर पहुँचाया जा सके। लेकिन आरोप है कि एयर एम्बुलेंस को इंदौर एयरपोर्ट पर प्रतीक्षा करनी पड़ी और जोधपुर में उतरने की अनुमति मिलने में भी देरी हुई। इस कारण यात्रा में देरी हुई और निर्धारित समय तक सरेंडर नहीं हो सका। अब @1stIndiaNews की 27 अक्टूबर 2026 की खबर में हेडलाइन चलाई गई कि आसाराम बापू ने शाम 5 बजे तक सेंट्रल जेल में सरेंडर नहीं किया। खबर में जेल अधीक्षक के हवाले से FIR दर्ज कराने की तैयारी और गिरफ्तारी के प्रयासों की बात भी कही गई। लेकिन सवाल यह है कि क्या मीडिया की जिम्मेदारी केवल सरेंडर में देरी को प्रमुखता देना है, या उस देरी के पीछे की परिस्थितियों को भी दर्शकों के सामने रखना है? First India News और मीडिया से कुछ सीधे सवाल! पहला सवाल: जब सीने में दर्द की शिकायत और ICU में भर्ती होने की बात सामने आई, तो क्या खबर में इस स्वास्थ्य संबंधी परिस्थिति को उतनी ही प्रमुखता दी गई जितनी सरेंडर में देरी को? दूसरा सवाल: जब साधकों ने एयर एम्बुलेंस की व्यवस्था की, तो क्या मीडिया ने यह पता लगाने की कोशिश की कि इंदौर एयरपोर्ट पर विमान को प्रतीक्षा क्यों करनी पड़ी और जोधपुर में उतरने की अनुमति मिलने में कथित देरी का कारण क्या था? तीसरा सवाल: यदि यात्रा में देरी हुई, तो क्या FIR की तैयारी की खबर दिखाने से पहले देरी के कारणों और संबंधित प्रशासन की भूमिका की भी पड़ताल की गई? चौथा सवाल: क्या दर्शकों को यह बताना मीडिया की जिम्मेदारी नहीं है कि एक ओर न्यायालय द्वारा निर्धारित समय का मामला था, तो दूसरी ओर एक बुजुर्ग व्यक्ति की स्वास्थ्य स्थिति और सुरक्षित चिकित्सा परिवहन का प्रश्न भी था? कानूनी कार्रवाई की खबर दिखाना गलत नहीं है, लेकिन महत्वपूर्ण परिस्थितियों को नजरअंदाज करके अधूरी तस्वीर पेश करना पत्रकारिता के मानकों पर सवाल जरूर खड़े करता है। जेल अधीक्षक प्रमोद सिंह जी से भी पूछे जाने चाहिए जवाबदेही के सवाल! इस पूरे घटनाक्रम में जोधपुर सेंट्रल जेल के अधीक्षक प्रमोद सिंह जी की भूमिका पर भी सवाल उठना स्वाभाविक है। यहाँ एक महत्वपूर्ण तथ्य गौर करने लायक है। सितंबर 2025 में जयपुर सेंट्रल जेल से दो कैदी फरार हो गए थे। उस समय मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, जेल अधीक्षक प्रमोद सिंह को APO (Awaiting Posting Orders) पर रखा गया था। इस घटना के बाद जेल की सुरक्षा व्यवस्था और जिम्मेदारी तय करने की प्रक्रिया पर सवाल उठे थे। यह घटना अपने आप में प्रमोद सिंह जी की व्यक्तिगत लापरवाही साबित नहीं करती, लेकिन जेल प्रशासन की जवाबदेही और कार्यप्रणाली पर सवाल उठाना बिल्कुल उचित है। प्रमोद सिंह जी, यदि सरेंडर में देरी के लिए जवाबदेही तय होनी चाहिए, तो जेल प्रशासन की अपनी कार्यप्रणाली और जिम्मेदारियों की समीक्षा भी क्यों नहीं होनी चाहिए? क्या प्रशासन यह स्पष्ट करेगा कि आसाराम बापू की स्वास्थ्य स्थिति को देखते हुए सुरक्षित परिवहन और जेल पहुँचने की व्यवस्था के लिए क्या समन्वय किया गया था? क्या एयर एम्बुलेंस की अनुमति और यात्रा में हुई कथित देरी की जाँच की गई? और यदि देरी के पीछे प्रशासनिक कारण थे, तो उनकी जिम्मेदारी कैसे तय होगी? जब एक बुजुर्ग व्यक्ति सीने में दर्द की शिकायत के बाद चिकित्सा देखभाल में रहा हो, तो उसके मामले में संवेदनशीलता और उचित समन्वय की अपेक्षा करना गलत कैसे हो सकता है? हम किसी अधिकारी के विरुद्ध बिना प्रमाण व्यक्तिगत आरोप नहीं लगा रहे हैं। लेकिन जवाबदेही का सिद्धांत सभी पर समान रूप से लागू होना चाहिए। यदि एक व्यक्ति से न्यायालय के आदेश का पालन करने की अपेक्षा की जाती है, तो प्रशासन से भी अपेक्षा की जानी चाहिए कि वह अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन निष्पक्षता, संवेदनशीलता और पारदर्शिता के साथ करे। सवाल सीधा है: जवाबदेही केवल सरेंडर में देरी करने वाले व्यक्ति की होगी, या प्रशासन की भूमिका की भी निष्पक्ष जाँच होगी? कानून के साथ मानवता भी जरूरी है! 1/2.."लोकतंत्र बचाओ
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  3. GLOBAL NEWS ANALYSIS✓@G_News_Analysis
    @G_News_Analysis
    #JusticeForBapuji #CycloneArnab #SupremeCourt हम यह नहीं कह रहे कि कानून का पालन नहीं होना चाहिए। न्यायालय के आदेशों का सम्मान आवश्यक है। लेकिन कानून का पालन सुनिश्चित करने और एक गंभीर स्वास्थ्य समस्या से जूझ रहे बुजुर्ग व्यक्ति के प्रति मानवीय संवेदनशीलता दिखाने में कोई विरोधाभास नहीं है। यदि किसी व्यक्ति ने जानबूझकर आदेश का उल्लंघन किया है, तो कानून अपना काम करे। लेकिन यदि देरी बीमारी, चिकित्सा परिवहन या प्रशासनिक अनुमति से जुड़ी परिस्थितियों के कारण हुई, तो उन तथ्यों की निष्पक्ष जाँच भी होनी चाहिए। पुलिस प्रशासन, जेल प्रशासन, एयरपोर्ट प्रशासन और सरकार को इन सवालों का जवाब देना चाहिए। यदि प्रशासनिक स्तर पर कोई चूक हुई है, तो उसकी जिम्मेदारी भी तय होनी चाहिए। नेताओं और अभिनेताओं के स्वास्थ्य से जुड़े मामलों में भी मानवीय आधार पर राहत और चिकित्सा सुविधाओं पर विचार किया जाता है। फिर किसी अन्य व्यक्ति के मामले में भी उम्र, बीमारी और चिकित्सा संबंधी परिस्थितियों पर निष्पक्षता से विचार करने की माँग क्यों न की जाए? यह सवाल किसी व्यक्ति को कानून से ऊपर रखने का नहीं है। यह सवाल है कि क्या कानून के साथ मानवीय संवेदनाओं को भी उचित स्थान दिया जा रहा हैB न्याय हो, कानून का सम्मान हो, लेकिन मानवता की अनदेखी न हो। मीडिया से भी अपील है कि खबर की पूरी पृष्ठभूमि सामने रखे। जनता को केवल यह न बताए कि क्या हुआ, बल्कि यह भी बताए कि किन परिस्थितियों में हुआ। 2/2 11 MLC लाल बिहारी यादव Mitchell Starc ध्रुव त्रिपाठी Netanyahu हर्ष गुजराल ABHIMANYU BIRLA FOREVER LOVE राजीव यादव NO ACCOUNTABILITY NO REVENUE अभिषेक शर्मा Bibi Genie 4 आकाश अग्रवाल Jeon दिनेश गोयल UP MLC श्रीचंद शर्मा Los Angeles वाराणसी शिक्षक Maharashtra आगरा शिक्षक Ballot मान सिंह यादव Hardik अमित शाह जी Gadi Eisenkot नवल किशोर यादव Mansa सहारनपुर खंड MacBook Pro सारण शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र Kakinada चिकित्सा सुविधा Railways नरेंद्र मोदी जी North Chennai Denis Israel उत्तरी चेन्नई Andhra Pradesh Andhra Pradesh Venezuela American Jews Cyclone Arnab The Supreme Court Jodhapur Jail Sant Shri Asharamji Bapu Bail नरेंद्र मोदी जी PM Modi Prime Minister Narendra Modi Ji Justice For Bapuji Modiji UN Human Rights violations UNHRC International Court of Justice ICJ Indian Judiciary Indian Constitution of India Parliament Lok Sabha Elections Rajya Sabha Uttarakhand Election Uttar Pradesh Election Results Opinion Poll Exit poll Mann Ki Baat PM of India PMO India President of India Chief Election Commission of India Gyanesh Kumar Cockroach Janta Party Boycott BJP Anti Hindu BJP Indian Democracy लोकतंत्र बचाओ भारत बचाओ सेव India BIG BREAKING NEWS FAKE NEWS CHANNELS PAID MEDIA SHOCKING facts Indian Government of India Shameful BIG Shame shame on Modi
    GLOBAL NEWS ANALYSIS @G_News_Analysis
    #JusticeForBapuji #SupremeCourt #Asaram Bapu #AsharamBapu #Jodhpur Jail Authority #HumanRights सीने में दर्द, ICU में भर्ती, एयर एम्बुलेंस में देरी और अब FIR की बात! 85-90 वर्ष के #आसाराम बापू के मामले में मानवता कहाँ है? जेल अधीक्षक प्रमोद सिंह जी से भी सवाल! एक तरफ लगभग 85-90 वर्ष की उम्र के आसाराम बापू को सीने में दर्द की शिकायत होती है और उन्हें उज्जैन में ICU में भर्ती कराया जाता है। दूसरी तरफ, उनकी स्वास्थ्य स्थिति को देखते हुए पैरोल बढ़ाने की गुहार सुप्रीम कोर्ट में लगाई जाती है, लेकिन राहत नहीं मिलती और उन्हें सरेंडर करने का निर्देश दिया जाता है। इसके बाद साधक उनकी सुरक्षित यात्रा के लिए एयर एम्बुलेंस की व्यवस्था करते हैं, ताकि लंबी सड़क यात्रा से बचते हुए उन्हें जोधपुर पहुँचाया जा सके। लेकिन आरोप है कि एयर एम्बुलेंस को इंदौर एयरपोर्ट पर प्रतीक्षा करनी पड़ी और जोधपुर में उतरने की अनुमति मिलने में भी देरी हुई। इस कारण यात्रा में देरी हुई और निर्धारित समय तक सरेंडर नहीं हो सका। अब @1stIndiaNews की 27 अक्टूबर 2026 की खबर में हेडलाइन चलाई गई कि आसाराम बापू ने शाम 5 बजे तक सेंट्रल जेल में सरेंडर नहीं किया। खबर में जेल अधीक्षक के हवाले से FIR दर्ज कराने की तैयारी और गिरफ्तारी के प्रयासों की बात भी कही गई। लेकिन सवाल यह है कि क्या मीडिया की जिम्मेदारी केवल सरेंडर में देरी को प्रमुखता देना है, या उस देरी के पीछे की परिस्थितियों को भी दर्शकों के सामने रखना है? First India News और मीडिया से कुछ सीधे सवाल! पहला सवाल: जब सीने में दर्द की शिकायत और ICU में भर्ती होने की बात सामने आई, तो क्या खबर में इस स्वास्थ्य संबंधी परिस्थिति को उतनी ही प्रमुखता दी गई जितनी सरेंडर में देरी को? दूसरा सवाल: जब साधकों ने एयर एम्बुलेंस की व्यवस्था की, तो क्या मीडिया ने यह पता लगाने की कोशिश की कि इंदौर एयरपोर्ट पर विमान को प्रतीक्षा क्यों करनी पड़ी और जोधपुर में उतरने की अनुमति मिलने में कथित देरी का कारण क्या था? तीसरा सवाल: यदि यात्रा में देरी हुई, तो क्या FIR की तैयारी की खबर दिखाने से पहले देरी के कारणों और संबंधित प्रशासन की भूमिका की भी पड़ताल की गई? चौथा सवाल: क्या दर्शकों को यह बताना मीडिया की जिम्मेदारी नहीं है कि एक ओर न्यायालय द्वारा निर्धारित समय का मामला था, तो दूसरी ओर एक बुजुर्ग व्यक्ति की स्वास्थ्य स्थिति और सुरक्षित चिकित्सा परिवहन का प्रश्न भी था? कानूनी कार्रवाई की खबर दिखाना गलत नहीं है, लेकिन महत्वपूर्ण परिस्थितियों को नजरअंदाज करके अधूरी तस्वीर पेश करना पत्रकारिता के मानकों पर सवाल जरूर खड़े करता है। जेल अधीक्षक प्रमोद सिंह जी से भी पूछे जाने चाहिए जवाबदेही के सवाल! इस पूरे घटनाक्रम में जोधपुर सेंट्रल जेल के अधीक्षक प्रमोद सिंह जी की भूमिका पर भी सवाल उठना स्वाभाविक है। यहाँ एक महत्वपूर्ण तथ्य गौर करने लायक है। सितंबर 2025 में जयपुर सेंट्रल जेल से दो कैदी फरार हो गए थे। उस समय मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, जेल अधीक्षक प्रमोद सिंह को APO (Awaiting Posting Orders) पर रखा गया था। इस घटना के बाद जेल की सुरक्षा व्यवस्था और जिम्मेदारी तय करने की प्रक्रिया पर सवाल उठे थे। यह घटना अपने आप में प्रमोद सिंह जी की व्यक्तिगत लापरवाही साबित नहीं करती, लेकिन जेल प्रशासन की जवाबदेही और कार्यप्रणाली पर सवाल उठाना बिल्कुल उचित है। प्रमोद सिंह जी, यदि सरेंडर में देरी के लिए जवाबदेही तय होनी चाहिए, तो जेल प्रशासन की अपनी कार्यप्रणाली और जिम्मेदारियों की समीक्षा भी क्यों नहीं होनी चाहिए? क्या प्रशासन यह स्पष्ट करेगा कि आसाराम बापू की स्वास्थ्य स्थिति को देखते हुए सुरक्षित परिवहन और जेल पहुँचने की व्यवस्था के लिए क्या समन्वय किया गया था? क्या एयर एम्बुलेंस की अनुमति और यात्रा में हुई कथित देरी की जाँच की गई? और यदि देरी के पीछे प्रशासनिक कारण थे, तो उनकी जिम्मेदारी कैसे तय होगी? जब एक बुजुर्ग व्यक्ति सीने में दर्द की शिकायत के बाद चिकित्सा देखभाल में रहा हो, तो उसके मामले में संवेदनशीलता और उचित समन्वय की अपेक्षा करना गलत कैसे हो सकता है? हम किसी अधिकारी के विरुद्ध बिना प्रमाण व्यक्तिगत आरोप नहीं लगा रहे हैं। लेकिन जवाबदेही का सिद्धांत सभी पर समान रूप से लागू होना चाहिए। यदि एक व्यक्ति से न्यायालय के आदेश का पालन करने की अपेक्षा की जाती है, तो प्रशासन से भी अपेक्षा की जानी चाहिए कि वह अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन निष्पक्षता, संवेदनशीलता और पारदर्शिता के साथ करे। सवाल सीधा है: जवाबदेही केवल सरेंडर में देरी करने वाले व्यक्ति की होगी, या प्रशासन की भूमिका की भी निष्पक्ष जाँच होगी? कानून के साथ मानवता भी जरूरी है! 1/2.."लोकतंत्र बचाओ
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  4. Ankit Kumar Avasthi✓@kaankit
    कुणाल कामरा और हर्ष गुजराल के बीच एक पॉलिटिकल रोस्टिंग प्रोग्राम हो जाना चाहिए।
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  5. Dr. Priyanka Maurya✓@dpriyankamaurya
    वाराणसी में The Times of India द्वारा आयोजित प्रतिष्ठित “UP Creators Summit & Awards 2026” में शामिल होने का अवसर प्राप्त हुआ। य इस अवसर पर मशहूर स्टैंड-अप कॉमेडियन एवं कंटेंट क्रिएटर हर्ष गुजराल से मुलाकात एवं आत्मीय संवाद हुआ। अपनी बेहतरीन कॉमिक टाइमिंग और अनोखे अंदाज़ से युवाओं के बीच खास पहचान बनाने वाले हर्ष जी ने कार्यक्रम में कंटेंट क्रिएशन, जिम्मेदारी और डिजिटल दुनिया की चुनौतियों पर भी अपने विचार साझा किए #UPCreatorsSummit #UPCreatorsAwards2026 #HarshGujral #TimesOfIndia #Varanasi #Kashi #ContentCreators #DigitalIndia #UttarPradesh #CreatorEconomy
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  6. The Lallantop✓@TheLallantop
    लल्लनटॉप बैठकी में इस बार हमारे मेहमान हैं स्टैंडअप कॉमेडियन हर्ष गुजराल. डेटाबेस इंजीनियर की नौकरी से लेकर कॉमेडियन बनने की कहानी पर बात होगी. #LTBaithki #LallantopBaithki #HarshGujral
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  7. The Lallantop✓@TheLallantop
    '6000 रुपये में रशियन...,' वाले जोक पर कॉमेडियन हर्ष गुजराल ने @saurabhtop के सामने क्या बता दिया? दी लल्लनटॉप के खास शो #Baithki में सुशांत सिंह राजपूत के उस किरदार पर बात हुई, जो लोगों को धोनी से जोड़ देता है. कानपुर के #HarshGujral के पास पापा के खूब किस्से हैं. बात जब गर्लफ्रेंड की आती है तो हर्ष ठिठोली में गुम होने की कोशिश करते हैं. खूब मजेदार बातें हुई हैं. देखिए. Full Episode:
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  8. The Lallantop✓@TheLallantop
    हर्ष गुजराल ने बस्सी से दोस्ती, विकी कौशल, रशियन जोक्स पर सौरभ द्विवेदी से की ढेर सारी बातें. कैसा रहा इंजीनियर की नौकरी से लेकर कॉमेडियन बनने का सफर? देखिए बैठकी में, 15 अगस्त | दोपहर 02 बजे. @saurabhtop #LTBaithki #LallantopBaithki #Baithki #HarshGujral
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  9. Parisha Tiwari@parisha_bjp155
    सुनिए कहानी... यूपी में किस हाल में जी रहे अपराधी। कॉमेडियन हर्ष गुजराल ने सुनाई कहानी @myogiadityanath @deepguj143
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  10. kapil bishnoi✓@Kapil_Jyani_
    हर्ष गुजराल… OG Comedian योगी आदित्य नाथ… OG Chief Minister
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  11. Sumit Shrivastav@Shivmay05
    कॉमेडियन हर्ष गुजराल और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का एक मजेदार वीडियो सामने आया है। एक कार्यक्रम के दौरान हर्ष गुजराल ने अपने चुटीले अंदाज में ऐसे जोक्स सुनाए कि सीएम योगी भी ठहाके लगाकर हंसते नजर आए। #YogiAdityanath #HarshGujral #ViralVideo
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  12. KHURAPATI JANTA PARTY@khurapatijp
    हर्ष गुजराल ने सुनाया लखनऊ के केले वाले का मजेदार किस्सा। पंचलाइन पर CM योगी आदित्यनाथ हंस पड़े। वीडियो फिर चर्चा में है। #HarshGujral #YogiAdityanath
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  13. Anup barnwal✓@amethiya_anup
    कॉमेडी ऐसे करो की योगी जी महाराज भी हंसते हुए पीठ थपथपाने पर विवश हो जाए 😂 वाह "हर्ष गुजराल" भाई, अब तो लग रहा है कि कुनाल कमरा कहीं आत्महत्या ना कर ले 😁
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  14. India TV✓@indiatvnews
    'यूपी में क्रिमिनल खत्म', हर्ष गुजराल ने सुनाया एक ऐसा मजेदार किस्सा, सुनकर हंस पड़े सीएम योगी
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  15. Vijay Gautam 🚩✓@Vijay_Gautamm
    कॉमेडियन हर्ष गुजराल की बात सुनकर हँसी नहीं रुकेगी! जब हर्ष गुजराल बोले कि मेरे माँ-बाप भी Yogi Ji के फैन हैं, तो समझिए मामला दिलचस्प है!🤣🚩 योगी आदित्यनाथ का ऐसा क्रेज़ कि कॉमेडी के मंच पर भी चर्चा उन्हीं की🔥 अब अखिलेश यादव जी क्या कहेंगे? 😜 #YogiAdityanath #HarshGujral!
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  16. News24✓@news24tvchannel
    "केलेवाला बोला, मैं खुद क्रिमिनल था, अब केला बेचता हूँ" ◆ कॉमेडियन हर्ष गुजराल ने यूपी के क्राइम रेट पर कहा #HarshGujral | Harsh Gujral | Comedian
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  17. सचिन रोमा शर्मा@sachins0522
    अब मुझे समझ में आ रहा है कि भारत में ऑपोजिशन पार्टियां चिढ़ी चिढ़ी क्यों रहतीं हैं..उन्हें मोदी के सामने कैसा फील होता होगा 😝😝😝😝 (हर्ष गुजराल)
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  18. Rao Arun Yadav✓@raoarun03
    स्टैंडअप कॉमेडियन हर्ष गुजराल ने बताया कि उनकी मम्मी अपने भाई से इस लिए नाराज हैं क्योंकि उन्होंनें शगुन में सिर्फ 1100 रुपये दिए उससे ज़्यादा तो @ArvindKejriwal ने वादा कर दिया 2100 देने का ! 😊
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