एक तरफ बिहार, उत्तर प्रदेश के प्रवासी श्रमिक सूरत के टेक्सटाइल एवं एंब्रॉयड्री मिलों द्वारा शोषण का विरोध कर रहे हैं, 8 घंटे की शिफ्ट, रविवार अवकाश, दिवाली बोनस जैसी स्वाभाविक माँगों के लिए आंदोलन कर रहे हैं, "गाँव चलो अभियान" चला रहे हैं...
तो दूसरी तरफ मोदी सरकार में आम देशवासी की दुर्दशा की कटु वास्तविकता से कटे हुए केंद्रीय वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल डच कारोबारी नेताओं के साथ मज़ाक करते हुए कह रहे हैं कि , "भारतीय कड़ी मेहनत करना चाहते हैं। भारत में कोई आपसे यह नहीं कहेगा कि 5 बज गए हैं। और निश्चित रूप से, कोई भी भारतीय आपको यह याद नहीं दिलाएगा कि वीकेंड आ गया है।"
बिहार और उत्तर प्रदेश के श्रमिकों के लिए आगे पहाड़ है तो पीछे खाई है! एक तरफ इनके अपने प्रदेश में सम्राट चौधरी और अजय सिंह बिष्ट जैसे मूर्ख, अज्ञानी और अहंकारी मुख्यमंत्री हैं, बीजेपी की सरकार है जो इन्हें अपने प्रदेश में रोजगार के समुचित अवसर उत्पन्न नहीं कर के दे सकते हैं तो दूसरी तरफ गुजरात महाराष्ट्र जैसे भाजपा शासित राज्य हैं जो इन श्रमिकों का शोषण करने में क्षण भर देरी नहीं करते हैं।
@yadavtejashwi #RJD