Rameshwar Das
RT @Asharamjibapu__: सारी सफलताओं की महान कुंजी है संयम । वीर्यरक्षण से मनुष्य ऐसा सामर्थ्य प्राप्त करता है कि जिससे वह जीवन के जिस क्षेत्र में सफल होना चाहे, हो सकता है ।
#AsharamjiBapuQuotes
0340217
Sant Shri Asharamji Bapu @Asharamjibapu__सारी सफलताओं की महान कुंजी है संयम । वीर्यरक्षण से मनुष्य ऐसा सामर्थ्य प्राप्त करता है कि जिससे वह जीवन के जिस क्षेत्र में सफल होना चाहे, हो सकता है । #AsharamjiBapuQuotes
Sant Shri Asharamji Bapu @Asharamjibapu__स्कंद पुराण में ब्रह्माजी ने नारद से कहा :- न कार्तिकसमो मासो न कृतेन समं युगम्। न वेदसदृशं शास्त्रं न तीर्थं गंगा समम्।। कार्तिक के समान कोई मास नहीं, कार्तिक मास पुण्यदायी है । इस मास में पुण्य, दान, जप-तप जितना अधिक करें, अच्छा है। संयम बरते पति-पत्नी संसार व्यवहार से, कार्तिक मास के समान कोई मास नहीं, सतयुग के समान कोई युग नहीं, वेद के समान कोई सत्शास्त्र नहीं, गंगा के समान कोई तीर्थ नहीं...। #AsharamjiBapuQuotes
Sant Shri Asharamji Bapu @Asharamjibapu__हम चाहते तो हैं ऐसा करें लेकिन क्या करें? ऐसा हो जाता है। रात्रि को सोते समय आपके अंदर जो कमजोरी है, किया हुआ निर्णय आप छोड़ देते हो, फिसल जाते हो अथवा आप काम विकार में गिर जाते हो। कोई तो कोई कमजोरी अपने को अपनी पता है। जो कमजोरी हो, रात को बिस्तर पर बैठ जाओ। अपने सामने उस कमजोरी को लाओ। अब मेरे साथ भगवान के नाम और भगवान की कृपा है। हे प्रभु मेरी यह कमजोरी मैं आपकी कृपा से मिटा सकता हूं। हरि ओम ओम ओम कल से इतने दिन तक मैं काम विकार में नहीं गिरूंगा। पक्की बात ! आप ऐसा करके रात्रि को सो जाओ। दूसरे दिन सुबह भी ऐसा करो। चंद दिनों में भगवान के दुलारे और प्यारे हो सकते हो। #AsharamjiBapu
Sant Shri Asharamji Bapu @Asharamjibapu__आत्मलाभ से बड़ा कोई लाभ नहीं, आत्मसुख से बड़ा कोई सुख नहीं और आत्मज्ञान से बड़ा कोई ज्ञान नहीं । #AsharamjiBapuQuotes
Sant Shri Asharamji Bapu @Asharamjibapu__जो कार्तिक मास में सूर्योदय के बाद स्नान करता है वो अपने पुण्य क्षय करता है और जो सूर्योदय से पहले स्नान करता है वो रोग और पापों को नष्ट करने वाला हो जाता है। कार्तिक मास के स्नान की बड़ी भारी महिमा है। #AsharamjiBapuQuotes
Sant Shri Asharamji Bapu @Asharamjibapu__शरीर टूट रहा है। जो भोजन किया वह पचा नहीं और दूसरा भोजन खा लिया। “मैं तो कुछ नहीं दो गुजराती रोटली खाता हूं, पतली सी खाता हूं।” … तुम दो गुजराती पतली रोटी खाते हो, लेकिन पाचन तुम्हारा डेढ़ रोटी का, एक रोटी का है, तो तुम डबल नहीं तो डेढ़ा भोजन करते हो। किसी का पाचन छह रोटी का है… मारवाड़ी छह रोटी, पंजाबी छह परेठे का, तो वो गुजराती 50 रोटी खाए तो भी उसने कम खाया है । तुम्हारा पाचन ऐसा है डेढ़ रोटी गुजराती का पाचन है तो तुमने दो खाया तो तुमने भोजन ज्यादा कर लिया आम बनेगा, भीचड़ में दर्द आएगा। अब क्या करें, उपवास करें और जठरा को प्रदीप करें और घुटनों को दर्द रहित करने के वैद्यों के उपाय आदि करें। #AsharamjiBapu