प्रशांत किशोर, तेजस्वी यादव और तमाम विपक्षी नेता लगातार यह नैरेटिव बनाने की कोशिश कर रहे हैं कि जब से सम्राट चौधरी जी मुख्यमंत्री बने हैं, तब से बिहार में अपराध, लूट, डकैती और हत्या बढ़ गई है।
लेकिन भाई… आंकड़े कुछ और ही कहानी बता रहे हैं!
बिहार सरकार के गृह विभाग द्वारा अगस्त 2026 में जारी आंकड़ों के मुताबिक, पिछले वर्ष की तुलना में बिहार में हत्या के मामलों में 10.1% और डकैती के मामलों में 31.32% की कमी दर्ज की गई है। दंगा/फसाद के मामलों में भी 18.97% की कमी बताई गई है।
यानी एक तरफ कुछ लोग लगातार अपराध को लेकर perception बनाने में लगे हैं, वहीं दूसरी तरफ पुलिस कार्रवाई और अपराध के आंकड़े एक अलग तस्वीर सामने रख रहे हैं।
जरा सोचिए…
अगर अपराध पर कार्रवाई हो रही है, अपराधियों की गिरफ्तारी हो रही है और गंभीर मामलों में सजा भी दिलाई जा रही है, तो फिर बिहार को लेकर सिर्फ नकारात्मक माहौल बनाने की कोशिश क्यों?
सितंबर में चलाए गए विशेष अभियान में ही 1,274 वांछित आरोपियों और 715 वारंटियों की गिरफ्तारी की गई, जबकि 18,358 वारंट का निष्पादन हुआ।
और सबसे बड़ी बात—बिहार को आगे बढ़ाने के लिए कंपनी चाहिए, फैक्ट्री चाहिए, निवेश चाहिए, रोजगार चाहिए।
जब बिहार में विकास और निवेश की बात हो रही है, तब कानून-व्यवस्था को लेकर तथ्य सामने रखना जरूरी है, न कि सिर्फ एक धारणा बनाना।
बाकी वीडियो में खुद सुन लीजिए कि आंकड़े क्या कहते हैं।
फैसला आप खुद कीजिए—
बयान सुनिए या आंकड़े देखिए!
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