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@RajatSharmaLive: योग गुरु स्वामी रामदेव देशभर में सनातन को बदनाम करने वालों के खिलाफ अभियान चलाएंगे. इस मुहिम में देशभर के साधु-संत और अखाड़े शामिल होंगे. पतंजलि यूनिवर्सिटी के प्राच्य विद्या सम्मेलन में साधु-संतों और विद्वानों को बुलाया गया है.
इसमें कोई शक नहीं कि रील्स और WhatsApp university ने सनातन को लेकर ख़ूब दुष्प्रचार किया. सोशल मीडिया के ज़रिए जो कुछ भी संस्कृत में लिखा है, उसे शास्त्रों का कथन बताकर भ्रम फैलाया गया, नारी के सम्मान को लेकर, दलित, वनवासी समाज को लेकर, देवी देवताओं के खान-पान को लेकर बहुत सी भ्रांतियां फैलाई गईं.
आधा सच, आधा झूठ दिखाकर सनातन को डेंगू और मलेरिया तक बता दिया गया. इनका जवाब देने वाले भी अपने-अपने अंदाज़ में expert opinion देने लगे. इससे गलतफहमियां और बढ़ गईं. इसलिए धार्मिक ग्रंथों के बारे में जो भ्रांतियां हैं, उनको दूर करने के लिए स्वामी रामदेव का अभियान स्वागत योग्य है.
शास्त्रों में जहां-जहां अर्थ का अनर्थ किया गया है, उन्हें हटाए जाने का प्रयास भी अच्छा है. आज पूरे विश्व में सनातन और उसके धर्म ग्रंथों, वेद और शास्त्रों को लेकर उत्सुकता है. इसीलिए इससे जुड़े दुष्प्रचार का वैज्ञानिक तरीके से उत्तर देने का यही सही समय है.